संदेश

फ़रवरी, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

महाशिवरात्रि

आज महाशिवरात्रि है पूरे देश में शिवलिंग पर दूध चढ़ाया जाएगा और यह तब होगा जब देश में सामान्य तौर पर दूध का कीमत ₹50 लीटर है । क्या दूध की बढ़ती कीमत के साथ साथ इस परंपरा को निभाना कहां तक उचित है । और यह परंपरा शुरू ही क्यों हुई थी ?           तो आइए अब इस परंपरा के मूल में ध्यान देते हैं ।  देशी गाय का दूध पुर्ण पौष्टिक आहार होता है । जिसमें लोह्य तत्व (आयरन) को छोड़कर अन्य सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं । जो बच्चों के विकाश के लिए पूर्ण पोषक आहार माना जाता है । दूसरी ओर दूध वह जैव- उत्पाद ( बायो प्रोडक्ट ) है । जिसका प्रयोग किसी भी प्रकार के खुशी के अवसर, उत्सव, पर्व-त्यौहार आदि में विभिन्न प्रकार की मिठाइयों को बनाने में किया जाता है । और तब शिवलिंग पर इस दूध को व्यर्थ ही बहा देना कहां तक उचित है ?          इस देश में दूध दही की गंगा बहती थी, जिस समय यह बात कही गई होगी । उस समय गाय से प्राप्त दूध को हम पीने में प्रयोग करते थे बच जाने पर दही जमाने, घी बनाने । विभिन्न प्रकार की मिठाइयों को बनाने में दूध का भरपूर प्रयोग होता रहा । उसके ...