महिला -2
शास्त्रों के अनुसार 4 अरब 32 करोड़ वर्ष सृष्टि कि आयु है जिसमें 2 अरब 16 करोड़ वर्ष तक यह सृष्टि अपने केन्द्र से निरंतर दूर जाऐगी पुनः अगले 2 अरब 16 करोड़ वर्ष तक अपने केन्द्र की ओर निकट आएगी । यही सृष्टि काल चक्र है । अर्थात् सृष्टि में कालचक्र की गति लंबवत है वृताकार नहीं । मतलब आप समय यात्रा भौतिक शरीर के साथ नहीं कर सकते। हां अगर वृताकार गति होती तो शायद आप कर भी लेते । लेकिन वृताकार गति में सृष्टि संरचना अकल्पनीय है । प्रथम 2 अरब 16 करोड़ में 1 अरब 97 करोड़ वर्ष से कुछ अधिक बीत चुके हैं । अर्थात् लगभग 19 करोड़ वर्ष तक सृष्टि अपने केन्द्र से और दूर जाने वाली है । अब यहां एक बात समझना जरूरी है । आप अपने मूल स्थान से जितना ही दूर जाएंगे उतना ही दुर्बल होते चले जाएंगे। आपकी शक्ति आपके मूल में ही निहित है। अर्थात् अगले 19 करोड़ वर्ष तक हम और पतन की ओर जाने वाले है । हमारा बौद्धिक स्तर धीरे-धीरे निरंतर कम होने वाला है । यही प्रकृति है । प...