छुआ-छूत
भारतीय समाज में छुआ-छूत एक बहुत बड़ा अभिशाप के रूप में माना जाता है। धड़ल्ले से कहा जाता है कि यह भेदभाव, छुआ-छूत की समस्या ने भारतीय समाज में प्रत्येक वर्ग को एक दूसरे से दूर कर दिया। समस्या है इसलिए चर्चा का विषय भी है अब यह जानने का प्रयास करेंगे, छुआ-छूत के पीछे की सच्चाई क्या है ? भारतीय समाज में एक पिता जब अपनी कन्या का विवाह करके लड़की का समर्पण कर देते हैं तो लड़की कि मां कभी भी लड़की के घर पर नहीं जाती हैं। पिता का आगमन लड़की के ससुराल में होता है तो पिता के द्वारा यही प्रयास किया जाता है की लड़की के घर का कुछ भी खाना-पीना न किया जाए, यहां तक की जल भी ग्रहण नहीं करते हैं। हालांकि वर्तमान में बदलाव हुआ है अब लड़की की मां भी अपने बेटी के घर जाकर महीनों रहती है। लेकिन मैं उस समय की बात कर रहा हूं जब छुआ-छूत भी भारतीय समाज में अपने चरम सीमा पर था। तो पिता द्वारा जल का भी ग्रहण न करना या मां का अपनी...