कैसे गुलाम बनाएं
कैसे गुलाम बनाएं
अगर आप किसी समाज को, किसी देश को, किसी राष्ट्र को गुलाम बनाना चाहते हैं । तो सबसे सरल और आसान उपाय यह है कि आप व्यक्ति से व्यक्ति को तोड़ दें, उनके बीच की दूरी को बढा दें । आप ऐसा कुछ करें ताकि उनका नैतिक विकास न हो वरण पतन हो जाए, उनका चरित्रहीन होना भी जरूरी है । हर व्यक्ति महत्वकांक्षी हो जाए । आप ऐसा कुछ करें ताकि हर व्यक्ति अपने व्यक्तिगत विकास को ही राष्ट्रीय विकास समझें। उसके अंदर अपना कोई आत्मस्वाभिमान न बचे। दूसरों के दिए हुए टुकड़ों पर ही पलना उनके लिए आत्म सम्मान होना चाहिए । रिश्ते इतने कमजोर होने चाहिए ताकि बृहद परिवार तो दूर की बात है एकल परिवार में भी पति-पत्नी एक दूसरे के साथ खुश न रह सकें । आप इस बात का ध्यान रखें उस समाज का हर व्यक्ति अपने आप को मालिक समझें । वह कभी भी किसी की न सुने । शिष्टाचार, संस्कार, विश्वास, इमानदारी, दिनचर्या, आदि इन सभी शब्दों का कोई मतलब उस समाज में नहीं होना चाहिए जिसे आप ग़ुलाम बनाना चाहते हैं ।
उनको आप नशा के आदि बनाए । हिंसक बना दें, क्रुर, अड़ियल, विश्वासघाती, लालची, कामी, क्रोधी, स्वार्थी, ईर्ष्यालु, नास्तिक, कुतर्की बना दें।
उनकी भाषा उनसे छीन ले । उनके शास्त्रों, उनकी मान्यताओं एवं परंपराओं से उनको दूर करें आप उसको यह बताएं कि वह जो मानते है वह सब अंधविश्वास है। उनके अतीत में लिखे शास्त्रों में कुछ बाहर से अवैध चीजों को डाल दें । जैसा आप उनको बनाना चाहते हैं । ऐसा कुछ करें आप ताकी वे अपने अतीत से ही घृणा करने लगे । वह अपने ही महापुरुषों पर संदेह करें ।
उनकी शिक्षा व्यवस्था, रोजगार व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, कृषि व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और साथ ही देश की समस्त संपत्ति चाहे वह जमीन के नीचे की हो खनीज तत्व आदि, जमीन पर कि मैदानी क्षेत्र, जंगल एवं पानी तालाब, नदी आदि और जमीन से ऊपर कि पहाड़ आदि सब कुछ उनसे कानून बनाकर छीन लें ।
साथ ही उनको ज्ञान ऐसा दे दें ताकि उनको भनक भी न लगे कि आप उनसे यह सब कुछ छीन रहे हैं या छीन लिये है ।
आप इस बात का ध्यान रखें कि उसके जीवन के प्रत्येक पहलू पर आपकी नजर हो । मतलब उसके जीवन में कुछ भी ऐसा न हो जो उनका अपना व्यक्तिगत न हो ।
आपको यह पता होना चाहिए कि उसके घर में चप्पल कितना है, जूता कितना है, फ्रीज कितना है, कपड़े कितने हैं, गाड़ी घोड़ा कितने हैं, यह सब कुछ आपको पता होना चाहिए वह कहां तक पढ़ाई-लिखाई किये है, उसके मित्र कितने हैं, महिला मित्र कितने हैं, उसके प्रत्येक रिश्तों के बीच संबंध कैसा है, कहां घूमने जाते है, कितना ट्रेवल करते है, उसके पास कितने खाते हैं, कितने बैंक बैलेंस है, साल भर में वह कितना कमाते और कितना खर्च करते है ।
वे किसी भी दृष्टिकोण से स्वावलंबी नहीं होने चाहिए । जैसे सुरक्षा, भोजन, पानी, कपड़ा, आवास, यातायात, स्वास्थ, ईंधन, हुनर आदि सब कुछ ।
अगर आप उन्हें किसी भी बहाने कर्ज में डूबों दें तो अच्छा है । हर महीना वह किसी भी बहाने EMI भरते रहे, तो सबसे अच्छा । अगर यह EMI वाली व्यवस्था पूरी जिंदगी चले तो और अच्छा।
अगर वहां का राजा या देश का प्रधान नेता कर्ज लेने का आदी हो जाए तो सबसे अच्छा, आप वहां के लोगों को समझाएं कर्ज लेकर के भी विकास किया जा सकता है ।
ताकि देश के संपूर्ण आमदनी का अधिकतर हिस्सा कर्ज का ब्याज देने में ही जाए। इससे वहां की सरकार आम जनता पर टैक्स अधिक लगाएगी । टैक्स अधिक होने पर महंगाई बढ़ेगी । महंगाई बढ़ने पर सरकार का आत्मविश्वास कमजोर होगा और सरकारें अपने सत्ता को बचाने के लिए भ्रष्ट बनेगी एवं तुष्टिकरण की राजनीति करेगी। इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि सरकारें अपने संपूर्ण कार्यकाल का अधिकतर समय अपनी सत्ता बचाने में खर्च करेगी । परिणाम यह होगा कि सरकारें अपनी सत्ता बचाने के लिए सब कुछ करेगी जो आप चाहेंगे।
आप उनके घरेलू उद्योगों को बंद करवा दें ।
हो सके तो वहां के खेतों को अपने अधिकार में ले लें । उनको इस बात के लिए बाध्य करें ताकि आप उनके बाजार में जो बेचना चाहे वह सब कुछ बेच सकें ।
आप उस देश में कुछ ऐसा करें ताकि सब कुछ बिकाऊ हो जाए । न्याय, शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, फसल, अनाज, जमीन, पानी, रिश्ते, रोजगार, मान, सम्मान, खेल, हुनर, कला, संगीत, सुझाव, परम्परा, विरासत मतलब कुछ भी ऐसा न बचे जिसे परंपरा से प्राप्त की जा सके । अर्थात् परंपरा से प्राप्त करना उस समाज में अपराध बन जाए।
इस बात का ध्यान रखें आप उस देश में हो न हो परंतु देश आपकी बनाए हुए विधान पर ही चले ।
आपको पता होना चाहिए तब आप सही मायने में उसको गुलाम बना पाएंगे ।
वैदिक सुप्रभात
उत्तम प्रकाश
९४१६०४४८२८
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