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लोकतंत्र में राजतंत्र Monarchy in democracy (भाग-9)

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 -:ओ३म्:- लोकतंत्र में राजतंत्र (भाग-9 )                          भाग-8 को पढ़ने के बाद आपके मन में संभवत कई प्रकार के प्रश्न उत्पन्न हुए होंगे ।              यथा:- गुलाम कौन होता है ? गुलामी कब आती है ? अंग्रेजों का, भारत गुलाम नहीं हो पाया इसका मूल कारण क्या हो सकता है ?               जो अपने धर्म का त्याग कर देते हैं वे स्वतः गुलाम हो जाते हैं । धर्म क्या है ? जो तर्क के मार्ग को प्रशस्त करें । अर्थात जो तर्क पर आधारित हो । जो तर्क करना सिखाए । तर्क का आधार न्याय हो । न्याय क्या है ? पदार्थ के गुण ,कर्म ,स्वभाव के अनुकूल उसके साथ यथावत जो जैसा है उसके साथ वैसा ही व्यवहार करना न्याय है । तर्क युक्ति संगत हो, युक्तियुक्त हो वही तर्क है । भारतीय धर्म शास्त्र तर्क पर आधारित है । क्योंकि उसका मूलाधार सत्य है । जिसका आधार सत्य और न्याय हो, जो तर्क से दूर नहीं भागता, डटकर हर प्रकार के तर्क का सामना करता है और सत्य को प्रदर्शित करता है । वही धर्म है...

लोकतंत्र में राजतंत्र Monarchy in democracy भाग-8

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 -:ओ३म्:- लोकतंत्र में राजतंत्र भाग-8                      15 अगस्त 1947 तक बहुत लंबे समय के अथक प्रयास करने के बावजूद भी ब्रिटेन भारत को गुलाम नहीं बना पाया ।                      1857 के बाद 1947 तक अंग्रेजी शिक्षा तंत्र के संचालन के बावजूद भी, भारत के रोजगार व्यवस्था को ठप करने के बाद भी, हिंदू -मुसलमान को आपस में लगाने पर भी, पशुधन को समाप्त करने के लिए सारी हदें पार करने के बाद भी, वह भारतीयों के दिल-दिमाग में ईसाइयत का कुछ खास प्रभाव नहीं डाल पाए । 15 अगस्त 1947 में भी लोग इस देश में राम को, कृष्ण को ,ब्रह्मा जी को, शिव जी को , दुर्गा माता को , होली ,दीपावली, छठ ,दशहरा, बसंत पंचमी,गुरु पूर्णिमा ,एकादशी ,मुंडन ,उपनयन ,हवन- यज्ञ , आयुर्वेद, योग, पुराण ,वेदादि शास्त्रों में आस्था भारतीयों की कभी भी कम नहीं हो पाई ।                      राम के नाम पर आज भी इस देश में लोग एक हो जाते हैं । पर्दे की दुनिया आने के बाद भी ...

लोकतंत्र में राजतंत्र Monarchy in democracy भाग-7

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 -:ओ३म्:- लोकतंत्र में राजतंत्र भाग-7 "इंडियन पुलिस एक्ट"                        1857 के संग्राम में कंपनी सरकार बहुत बुरी तरह पिट चुकी थी । इस संग्राम की सबसे मुख्य और विशेष बात यह थी कि इसमें संपूर्ण भारत एकजुट होकर चाहे वह राजा हो या महाराजा , हिंदू हो या मुस्लिम मतलब भारतीय समाज का प्रत्येक वर्ग कंपनी सरकार को उखाड़ कर फेंक देना चाहती थी । कंपनी सरकार को दांतो तले लोहे के चने चबाने पड़े थे ।                          1857 के युद्ध का मूल कारण धार्मिक आघात था । जो भारतीय जनमानस सहन नहीं कर पाई । 1857 के युद्ध से पहले इस देश में कोई भी व्यक्ति अपनी सुरक्षा के लिए खुद से हथियार बना सकता था, खरीद सकता था, रख सकता था और अपनी रक्षा खुद कर सकता था । मतलब राजाओं के राज्य में व्यक्ति अपनी रक्षा स्वयं कर सकता था । इसके लिए वह युद्ध कला भी स्वच्छंद रूप से सीखने के लिए स्वतंत्र था ।                        ...

लोकतंत्र में राजतंत्र Monarchy in democracy भाग -5

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-:ओ३म्:-   लोकतंत्र में राजतंत्र   ( भाग-5 )          Monarchy in democracy ( इस लेख को पढ़ने से पहले आपसे निवेदन है कि  पीछे के  भाग 1 से भाग 4 तक पढ़ ले । ताकि विषय वस्तु आपको समझ में आ सके । अगर आपको उपलब्ध न हुआ हो तो आप अपना नंबर दे मैं आपको सेंड कर दूंगा । )                 1857 के युद्ध के बाद रानी का सरकार अपने देश भारत में आया । भारत की संपूर्ण प्राकृतिक संपत्तियों को लूट कर ब्रिटेन ले जाना था । इसके लिए उन्होंने विभिन्न प्रकार के विभाग बनाएं । भारत के विभिन्न इलाकों से रो मेटेरियल, कच्चा माल को इकट्ठा करने के लिए , रेल का विस्तार अनिवार्य था । भारतीय रेल का आरंभ 1853 में हो चुका था । रेल के विस्तार हेतु एवं विभिन्न अलग-अलग प्रकार के विभागों के संचालन हेतु ब्रिटेन सरकार को जमीन की जरूरत थी । परिणाम स्वरूप भूमि अधिग्रहण कानून को और ज्यादा मजबूती के साथ पूरे भारतवर्ष में लागू किया गया । अब अपने देश भारत में धीरे-धीरे जमीन को खरीदने बेचने की परंपरा शुरू हुई । बहुत अधिक लगान, कृषि संबंधी उदासीनता, ...

लोकतंत्र में राजतंत्र Monarchy in democracy (भाग 4)

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    -:ओ३म्:-  लोकतंत्र में राजतंत्र (भाग 4)                     1857 में ब्रिटेन की रानी का सरकार इस देश में आया । यह सरकार अगले 100 वर्षों तक चलने वाली थी । 100 वर्ष में 5 पीढ़ी हो जाती है। तो कुछ ऐसी तैयारी करनी थी ताकि भविष्य का भारत वास्तव में ब्रिटेन हो जाए । भारत में रहने वाले भारतीय कहलाए जरूर पर अंदर से वह भारतीय न होकर पूर्ण रूप से अंग्रेज बन जाए । ब्रिटेन का मूल उद्देश्य एक तो भारत की संपत्ति को लूटना , उनको गुलाम बनाना और दूसरा पूरे भारतवर्ष का ईसाई करण करना था ।                      इन दोनों कार्यों के लिए अपने हिसाब से तंत्र को चलाई जाए । दूसरी शिक्षा व्यवस्था अपने हाथ में ली जाए । इसके लिए ब्रिटेन सरकार ने इंडियन एजुकेशन एक्ट लाया ।                    इस एजुकेशन एक्ट के माध्यम से अंग्रेजी सरकार ने भारत के प्राचीन गुरुकुलिय शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त किया । जिसके कारण अपने देश भारत का ब्राह्मण समुदाय जिनका जी...

लोकतंत्र में राजतंत्र Monarchy in democracy (भाग-2)

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                                                                          -:ओ३म्:-                                        लोकतंत्र में राजतंत्र (भाग-2)                                                                                                    1498 में समुद्री लुटेरा वास्को डी गामा भारत में आया । तब का भारत आज के भारत से बहुत बड़ा  था । बहुत लंबे समय के अथक प्रयास के बाद 1857 में रानी का सरकार भारतवर्ष में प्रारंभ हुआ । इसके लिए उन्होंने मुगलों...