लोकतंत्र में राजतंत्र Monarchy in democracy (भाग-12 )
-:ओ३म्:- लोकतंत्र में राजतंत्र भाग-12 भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा प्रकृति संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अर्थव्यवस्था एवं मानवीय विकास की कुछ सीमाएं एवं मर्यादाओं को तय किया था । जो मैं लेख संख्या 11 में वर्णन कर चुका हूं । प्रकृति एवं प्रकृति के विभिन्नताओं के मध्य अर्थव्यवस्था का विकास होता है । भारत वह देश है जो विश्व के मानचित्र पर विश्वतिय रेखा के ठीक 8.4' डिग्री ऊपर स्थित है । जिसके कारण भारत संशीतोष्णकटिबंध का है । भारत में 6 प्रकार के ऋतु एवं 15 प्रकार के क्लाइमेटिक जोन पाए जाते हैं । भारत का उत्तरी भाग ठंड एवं दक्षिणी भाग गर्म प्रधान है। जहाँ भारत का एक भाग काफी ठंड, हिमालय आदि पर्वतों से घिरा है । वहीं दु...